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सप्तमी पूर्णाहुति कार्यक्रम में शिक्षा, धर्म और नशा मुक्ति पर दिया जोर

सप्तमी पूर्णाहुति कार्यक्रम में शिक्षा, धर्म और नशा मुक्ति पर दिया जोर
शक्करगढ़। क्षेत्र के ग्राम हर्षलों की झोपड़िया में आयोजित सप्तमी पूर्णाहुति कार्यक्रम में धर्म, शिक्षा, सामाजिक एकता और नशा मुक्ति को लेकर प्रेरणादायक संदेश दिया गया।
माला सेरी देवनारायण जन्मस्थली के पुजारी हेमराज पोशवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि धर्म के माध्यम से पूरे समाज को साथ लेकर चलना ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आपसी सम्मान, भाईचारे और हर वर्ग को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि समाज को बच्चों व बच्चियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। निम्न वर्ग के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का खर्च समाज के सहयोग से उठाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। जब समाज का एक बच्चा पढ़-लिखकर सरकारी सेवा में पहुंचता है, तो वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा बनता है।
हेमराज पोशवाल ने वर्तमान समय को शिक्षा का युग बताते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और अस्तित्व को बनाए रखने के लिए धर्म का मार्ग अपनाना आवश्यक है तथा ईश्वर का स्मरण ही मोक्ष का मार्ग है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके विचारों का स्वागत करते हुए समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही युवा वर्ग ने सामाजिक कुरीतियों को छोड़ने और नशा मुक्ति की दिशा में कार्य करने का भी संकल्प लिया इस दौरान देव शिक्षा समिति जहाजपुर के अध्यक्ष शिवराज गुर्जर , जगरूप गुर्जर , रामराज गुर्जर ,मूलचंद गुर्जर , रतिराम गुर्जर सहित समाज के व्यक्ति मौजूद रहे

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