BHILWARA

आनंद विहार कॉलोनी में जलभराव से हालात गंभीर, नियमितीकरण व सुविधाओं की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन



हमीरगढ़। आनंद विहार कॉलोनी के निवासियों ने कॉलोनी के नियमितीकरण, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जलभराव की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।



ज्ञापन में बताया गया कि आनंद विहार कॉलोनी लगभग वर्ष 2000 में विकसित हुई थी। कॉलोनी में करीब 435 प्लॉट हैं, जिनमें से लगभग 350 परिवार वर्तमान में निवास कर रहे हैं। अधिकांश निवासियों के पास अपने भूखंडों की विधिवत रजिस्ट्री भी उपलब्ध है। कॉलोनी पहले ग्राम पंचायत क्षेत्र में थी, लेकिन वर्तमान में नगर पालिका हमीरगढ़ की सीमा में शामिल होने के बावजूद यहां सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

निवासियों का कहना है कि कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी को नगर पालिका को हस्तांतरित नहीं किए जाने का हवाला देकर सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जबकि पिछले 25 वर्षों से सैकड़ों परिवार यहां निवास कर रहे हैं।

ज्ञापन में हालिया बारिश के दौरान कॉलोनी में हुए भारी जलभराव का भी उल्लेख किया गया है। निवासियों ने आरोप लगाया कि एक पुराने नाले का मार्ग अवरुद्ध होने से आसपास के क्षेत्रों का पानी कॉलोनी में जमा हो रहा है। इसके कारण कई स्थानों पर तीन फीट तक पानी भर गया है तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कॉलोनीवासियों ने बताया कि जलभराव के कारण मकानों को नुकसान पहुंचने, संक्रामक बीमारियां फैलने, विद्युत दुर्घटनाओं तथा सांप-बिच्छुओं के खतरे की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल पंपों के माध्यम से जल निकासी करवाने और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।

ज्ञापन में कॉलोनी का स्थलीय निरीक्षण करवाने, नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने, लंबित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देने तथा सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और सफाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। कॉलोनीवासियों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

निवासियों ने प्रशासन से जनहित एवं जनसुरक्षा को देखते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की है।

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