तनाव के दौर में अणुव्रत बना जीवन का संतुलन सूत्र

BHILWARA
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मिंडोलिया में अणुव्रत प्रेरणा दिवस समारोह, प्रतियोगी परीक्षार्थियों को भावनात्मक स्वास्थ्य के सूत्र बताए



शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
जीवन में छोटे-छोटे संकल्पों के जरिए आत्मअनुशासन, संयम और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देते हुए मिंडोलिया पंचायत मुख्यालय पर अणुव्रत प्रेरणा दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह में अणुव्रत आंदोलन की उपयोगिता और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श हुआ। ग्रामीणों ने भी अणुव्रत आंदोलन के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता जताई।
समारोह में शाहपुरा अणुव्रत समिति के संयोजक गोपाल पंचोली ने अणुव्रत आंदोलन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अणुव्रत केवल उपदेशों का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला विज्ञान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में जब व्यक्ति तनाव, प्रतिस्पर्धा और विभिन्न प्रकार के मानसिक दबावों से गुजर रहा है, ऐसे समय में अणुव्रत के सिद्धांत जीवन में संतुलन कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पंचोली ने अणुव्रत आचार संहिता को जीवन के लिए मार्गदर्शक सूत्र बताते हुए वर्तमान में जीने, अपने संकल्प के प्रति पूर्ण मनोयोग से समर्पित रहने और भावनाओं पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि व्यंग्य को विनोद से अधिक महत्व देने के बजाय सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए। संवेगों पर नियंत्रण के लिए दीर्घ श्वांस प्रेक्षा तथा श्वेत चंद्रमा ध्यान जैसी प्रेक्षा पद्धतियों को अपनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से व्यक्ति के आंतरिक गुणों का विकास होता है और यही गुण स्वस्थ व्यक्ति के साथ स्वस्थ परिवार तथा स्वस्थ समाज की नींव मजबूत करते हैं।
समारोह में प्राध्यापक नीरज रजवानी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भावनात्मक स्वास्थ्य पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव से बचने, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच बनाए रखने के उपाय बताए। इसके बाद शंका समाधान सत्र में विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सांवरिया लाल गाडरी ने कहा कि अणुव्रत आंदोलन अब शहरों तक सीमित नहीं रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग इससे जुड़ रहे हैं और संयम, नैतिकता तथा सकारात्मक जीवनशैली के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं।
समारोह ने ग्रामीण अंचल में अणुव्रत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और युवा पीढ़ी को नैतिक एवं संतुलित जीवन की दिशा देने का सार्थक संदेश दिया।