BHILWARA

भीलवाड़ा के एससी/एसटी संगठनों ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन,

सीजेआई पर हमले के प्रयास की निंदा और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के निधन की सीबीआई जाँच की मांग

शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।

भीलवाड़ा – भीम आर्मी आज़ाद समाज पार्टी भीलवाड़ा के नेतृत्व में भीलवाड़ा जिले के समस्त अनुसूचित जाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) संगठनों के प्रतिनिधियों ने आज देश के दो गंभीर और संवेदनशील विषयों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए भारत की महामहिम राष्ट्रपति महोदया को जिला कलेक्टर महोदय, भीलवाड़ा के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा।


जिलाध्यक्ष पंकज डिडवानिया ने बताया कि संगठनों ने माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति बी. आर. गवई पर सुनवाई के दौरान जूते फेंकने के प्रयास जैसी निंदनीय घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की है और इसे न्यायपालिका की गरिमा तथा लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। संगठनों ने इस शर्मनाक कृत्य की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है।


ज्ञापन में महामहिम राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है कि दोषियों के विरुद्ध देश की न्याय व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथही संगठनों ने हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पुरन कुमार के संदिग्ध परिस्थितियों में हुए निधन पर गंभीर चिंता व्यक्त की एवं बताया कि यह मामला अनेक संदेहों को जन्म देता है, जिसके कारण राज्य स्तरीय जाँच पर्याप्त नहीं है। निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, संगठनों ने इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाने और उनके परिवार को न्याय दिलाने हेतु तत्काल केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से जाँच कराने का आदेश देने का विनम्र अनुरोध किया है।
ज्ञापन में महामहिम राष्ट्रपति से देश के दलित, आदिवासी और समस्त शोषित समाज की इन गंभीर चिंताओं को समझते हुए उपर्युक्त बिंदुओं पर तत्काल और आवश्यक कदम उठाने हेतु सम्बंधित प्राधिकरणों को निर्देशित करने का विश्वास व्यक्त किया गया है।
इस दौरान ज्ञापन देने वालों में पंकज डिडवानिया, हीरा लाल बैरवा, किशन पहाड़िया, ललित मीणा, दुर्गालाल बैरवा, मनोहर बैरवा, राजू धोबी, अनीता पहाड़िया, मंजू रैगर, ओम प्रकाश खटीक, एडवोकेट कन्हैया लाल रेगर आदि प्रतिनिधि उपस्थित थे।

KAPIL SHYAM VIJAY

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