BHILWARA

खांखला में फर्जी पुश्तैनी पट्टों पर बवाल, ग्रामीणों ने पैदल मार्च निकाल एसडीएम को सौंपा ज्ञापन



गंगापुर (दिनेश लक्षकार)

ग्राम पंचायत खांखला में कथित फर्जी पुश्तैनी पट्टों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कोर्ट चौराहे से उपखंड कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत खांखला के सरपंच रतनलाल स्वर्णकार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आबादी भूमि पर अपने परिवार के सदस्यों के नाम करीब 15 पुश्तैनी पट्टे जारी कर दिए। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत राज नियमों के तहत पुश्तैनी पट्टा केवल उसी भूमि का जारी किया जा सकता है, जिस पर वर्षों पुराना मकान बना  हुआ हो और पूर्वजों के समय से कब्जा हो, जबकि विवादित भूमि सरकारी आबादी भूमि है और मौके पर ऐसा कोई पुराना निर्माण नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 के बाद से ऑडिट विभाग को पट्टों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया और इस कथित घोटाले से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों से वे लोकायुक्त, संभागीय
आयुक्त, जिला कलक्टर तथा प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष शिकायतें कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो गांव के प्रमुख नागरिक उपखंड कार्यालय परिसर के बाहर दो दिवसीय भूख हड़ताल और सत्याग्रह शुरू करेंगे। पुश्तैनी पट्टों को लेकर उठे इस विवाद ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। बड़ी संख्या में ग्रामीण हाथों में  तख्तियां लेकर के आए थे जिन पर लिखा था।  सरपंच रतन लाल सोनी को निलंबित करो निलंबित करो,
कागज की हेरा फेरी ,तभी तो जांच में देरी। सरपंच के खिलाफ इस घोटाले की जांच को लेकर ग्रामीण आर पार की
लड़ाई लड़ने को तैयार दिखे।

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