बिजोलिया में अजमीढ़ जयंती पर भक्ति और उल्लास का संगम, शोभायात्रा में झलकी स्वर्णकार समाज की एकता

चारभुजानाथ मंदिर से समाज भवन तक निकली शोभायात्रा, सफेद वस्त्रों और पारंपरिक परिधानों में शामिल हुए समाजजन; प्रतिष्ठान बंद रखकर मनाया महोत्सव, शाम को सजी सांस्कृतिक संध्या
बिजौलिया। ऊपरमाल श्री मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की ओर से रविवार को अजमीढ़ जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। धार्मिक आस्था, पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता के रंगों से सजे आयोजन में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। चारभुजानाथ मंदिर से निकली शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। कस्बे के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। दिनभर चले कार्यक्रमों के बाद देर शाम सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई, जिसमें समाजजनों ने उत्साह के साथ सहभागिता निभाई।
समाज के नरेश सोनी ने बताया कि शोभायात्रा में पुरुष, महिलाएं और युवा पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पुरुष सफेद वस्त्रों में नजर आए, जबकि महिलाओं ने चुनरी ओढ़कर आयोजन की धार्मिक गरिमा बढ़ाई। शोभायात्रा चारभुजानाथ मंदिर से रवाना होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए समाज भवन पहुंची। रास्ते में लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। अजमीढ़ जयंती के अवसर पर स्वर्णकार समाज के बंधुओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आयोजन में भागीदारी निभाई।
समाज भवन पहुंचने के बाद विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। देर शाम हुई सांस्कृतिक संध्या ने समारोह में उत्सव का रंग भर दिया। आयोजन के माध्यम से समाजजनों ने अपनी परंपराओं के प्रति आस्था और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
कार्यक्रम में शिव, गोपाल, नरेश, कपिल, प्रहलाद, महावीर, रवि, नंदकिशोर, दिनेश, गोवर्धन, अंकित, योगेश और सत्तू सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।



