BHILWARA

बिजोलिया में श्रद्धा से मनाया गया दशा माता का पर्व, महिलाओं ने किया व्रत-पूजन


बिजोलिया। नरेश धाकड़ ।
कस्बे में शुक्रवार को दशा माता का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने व्रत-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छी दशा की कामना की।



कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व पर सुबह से ही महिलाएं सोलह श्रृंगार कर मंदिरों तथा पीपल के पेड़ के पास एकत्रित हुईं। महिलाओं ने विधि-विधान से दशा माता का पूजन किया और सामूहिक रूप से राजा नल व रानी दमयंती की कथा सुनी।



व्रतधारी महिलाओं ने कच्चे सूत का दस तार का डोरा बनाकर उसमें दस गांठें लगाईं और पीपल के पेड़ की दस बार परिक्रमा की। इसके बाद पेड़ के तने पर पवित्र सूती धागा बांधा गया। परंपरा के अनुसार महिलाओं ने दशा माता के लिए बेसन के गहने भी बनाए और पीपल, बरगद व नीम के पेड़ों की त्रिवेणी का पूजन किया।

पूजन के दौरान पीपल के वृक्ष को भगवान विष्णु का स्वरूप मानकर श्रद्धापूर्वक आराधना की गई। व्रतधारी महिलाओं ने अपने परिवार की खुशहाली, समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना की।



पूजा के बाद महिलाओं ने घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर हल्दी और कुमकुम से शुभ रेखाचित्र बनाकर देवी-देवताओं से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनाए रखने की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार दशा माता का व्रत एक बार शुरू करने के बाद जीवनभर किया जाता है।

KAPIL SHYAM VIJAY

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