21 गवाह और 47 दस्तावेजी साक्ष्यों से साबित हुआ अभियोजन पक्ष का मामला, हत्या के साथ लूट व साक्ष्य मिटाने का भी दोषी
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
ग्राम सरदारपुरा में वर्ष 2023 में हुई वृद्धा नंदू देवी की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय शाहपुरा ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त शक्ति सिंह पुत्र भगवत सिंह निवासी सरदारपुरा को हत्या सहित अन्य अपराधों में दोषसिद्ध ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर कुल 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने बताया कि मामले की शुरुआत मृतका नंदू देवी के पौत्र भेरूलाल कीर निवासी सरदारपुरा की रिपोर्ट से हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार नंदू देवी प्रतिदिन की तरह सरदारपुरा स्थित नाहरसागर बांध के पेटे में नहर के पास अपने खेत पर काम करने गई थीं। देर रात तक उनके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
अगले दिन परिजनों ने दोबारा तलाश की तो नहर के पास खून के धब्बे दिखाई दिए। तलाश आगे बढ़ाने पर नहर में नंदू देवी का शव बरामद हुआ। परिजनों ने देखा कि मृतका के हाथों में पहने चांदी के कड़े भी गायब थे। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
हत्या, साक्ष्य मिटाने और लूट की धाराओं में केस-
रिपोर्ट के आधार पर थाना फुलियाकलां में एफआईआर संख्या 39ध्2023 दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी शक्ति सिंह के खिलाफ धारा 302, 201 एवं 392 के तहत न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
मामला सेशन न्यायालय से विचारणीय होने के कारण अपर जिला एवं सत्र न्यायालय शाहपुरा में सुनवाई के लिए पहुंचा।
21 गवाहों के बयान, 47 दस्तावेज पेश-
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए 21 गवाहों के बयान करवाए। इसके साथ ही न्यायालय के समक्ष 47 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित किए।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी शक्ति सिंह को नंदू देवी की हत्या सहित संबंधित अपराधों का दोषी माना।
तीन धाराओं में अलग-अलग सजा-
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सानिया हाशमी ने आरोपी शक्ति सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 392 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 15 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत 7 वर्ष का साधारण कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
इस तरह न्यायालय ने 21 गवाहों और 47 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष के मामले को प्रमाणित मानते हुए आरोपी को दोषसिद्ध किया। मामले के फैसले से मृतका के परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
