धामनिया पीएम श्री विद्यालय में पुलिस ने विद्यार्थियों को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक

सोशल मीडिया, व्हाट्सएप हैकिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी यूट्यूब से बचने के बताए तरीके, डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का किया आह्वान
असलम रंगरेज
काछोला क्षेत्र के धामनिया पीएम श्री राजकीय विद्यालय में जागरूकता अभियान आयोजित कर छात्र-छात्राओं को जानकारी दी वर्तमान समय में तेजी से बढ़ते डिजिटल युग के साथ साइबर अपराधों की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धामनिया में पुलिस की ओर से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी राकेश मीणा काछोला ने छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारी राकेश मीणा ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, व्हाट्सएप हैकिंग, ऑनलाइन ठगी, फर्जी यूट्यूबर, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कई बार अनजान नंबरों से कॉल या मैसेज भेजकर, इनाम और अन्य प्रलोभन देकर लोगों की निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। व्हाट्सएप एवं सोशल मीडिया अकाउंट पर आने वाले संदिग्ध लिंक को बिना जांचे नहीं खोलना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहिए। अपने सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड और टू-स्टेप वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं का उपयोग करना चाहिए।
विद्यार्थियों को दी सतर्क रहने की सीख
पुलिस अधिकारी ने कहा कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सावधानी है। सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों और पुलिस को सूचना दें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनें तथा अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दें, ताकि कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार न बने।
विद्यालय में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक का सुरक्षित उपयोग करने, सोशल मीडिया पर सतर्क रहने और साइबर अपराधों की पहचान करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।




