शाहपुरा बाइपास पर हादसों का खतरा रोकने के लिए उठी आवाज, डिवाइडर और हाईमास्ट लाइट लगाने की मांग

जन सेवा समिति ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, प्रमुख चैराहों पर रोशनी और पूरे बाइपास पर स्ट्रीट लाइट लगाने की उठाई मांगय नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ प्रशासन का ध्यान खींचा
शाहपुरा -मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा में बाइपास रोड पर लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों और यातायात सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर शाहपुरा जन सेवा समिति ने जनहित का मुद्दा उठाया है। समिति ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी शाहपुरा के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर बाइपास रोड के मध्य डिवाइडर निर्माण, प्रमुख चैराहों पर हाईमास्ट लाइट तथा पूरे बाइपास मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है। समिति ने चेताया कि सड़क सुरक्षा के बुनियादी इंतजामों की कमी के चलते इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
शाहपुरा जन सेवा समिति के जनसेवक शिवराज कोली के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि शाहपुरा बाइपास रोड पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही के बीच सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव वाहन चालकों और आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। समिति ने प्रशासन और राज्य सरकार से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।
डिवाइडर नहीं होने से आमने-सामने टकराव का खतरा
ज्ञापन में बाइपास रोड की सबसे प्रमुख समस्या मध्य में डिवाइडर का अभाव बताया गया है। समिति के अनुसार डिवाइडर नहीं होने के कारण विपरीत दिशाओं से आने वाले वाहन एक ही सड़क क्षेत्र में गुजरते हैं। इससे यातायात अव्यवस्थित होने के साथ आमने-सामने की टक्कर और गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
समिति ने मांग की है कि बाइपास रोड के मध्य शीघ्र डिवाइडर का निर्माण कराया जाए, ताकि दोनों दिशाओं के वाहनों के आवागमन को व्यवस्थित किया जा सके। इससे यातायात अनुशासन बेहतर होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में भी मदद मिलेगी।
अंधेरे में चैराहों पर बढ़ जाता है दुर्घटनाओं का खतरा
ज्ञापन में दूसरी महत्वपूर्ण समस्या पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की बताई गई है। समिति ने कहा कि बाइपास रोड और इसके प्रमुख चैराहों पर पर्याप्त हाईमास्ट लाइट एवं स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात के समय अंधेरा छाया रहता है। ऐसे में वाहन चालकों को रास्ता, मोड़ और आसपास की यातायात गतिविधियां स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं। विशेषकर चैराहों और संवेदनशील स्थानों पर यह स्थिति दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
समिति ने प्रमुख चैराहों पर हाईमास्ट लाइट लगाने तथा संपूर्ण बाइपास मार्ग पर आवश्यकता के अनुसार स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करने की मांग की है। इससे रात में आवागमन करने वाले वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी राहत मिल सकेगी।
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए समयबद्ध कार्रवाई की मांग
जन सेवा समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनहित और मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। ज्ञापन में डिवाइडर निर्माण, हाईमास्ट लाइट और स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराने की मांग की गई है।
समिति ने ज्ञापन की प्रतियां राजस्थान सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्री, जिला कलेक्टर भीलवाड़ा तथा उपखंड अधिकारी शाहपुरा को भी प्रेषित की हैं। साथ ही बाइपास रोड पर पूर्व में हुए हादसों से संबंधित प्रतियां और शाहपुरा के नागरिकों के हस्ताक्षर भी ज्ञापन के साथ संलग्न किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि समिति इस मुद्दे को केवल एक संगठन की मांग तक सीमित न रखकर नागरिकों की सामूहिक चिंता के रूप में सरकार के सामने रखना चाहती है।
जनहित के मुद्दे पर एकजुट हुए शहर के नागरिक
ज्ञापन सौंपने के दौरान जनसेवक शिवराज कोली, पूर्व प्रॉपर्टी डीलर संगठन अध्यक्ष अजय मेहता, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष दुर्गालाल राजोरा, एडवोकेट रामप्रसाद जाट, वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश व्यास, एडवोकेट शरीफ मोहम्मद, राजू कायमखानी, विक्रम सिंह गुर्जर, दिनेश सेन, महेंद्र गुर्जर, एडवोकेट ताज मोहम्मद, धनराज जीनगर, सुनील दत्त पाराशर, नूर मोहम्मद, विनीत बुनकर, जाकिर मंसूरी, ओम सिंधी, सुनील मिश्रा एवं नरेश कोली सहित अन्य नागरिक मौजूद रहे।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
शाहपुरा बाइपास शहर के यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में डिवाइडर, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षित यातायात व्यवस्था की मांग सीधे आमजन की सुरक्षा से जुड़ी है। जन सेवा समिति ने सरकार से इन कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कर धरातल पर उतारने का आग्रह किया है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित के मुद्दे पर कब तक कार्ययोजना तैयार कर निर्माण एवं प्रकाश व्यवस्था के कार्य शुरू करवाते हैं।



