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अनुराग बाला पाराशर फाउंडेशन समारोह में धन्वंतरि जयंती पर आरोग्य, संस्कार और दीपपर्व के पांच आयामों का बताया महत्व

डॉ. काष्ठ बोले- संयमित दिनचर्या, सात्विक आहार और संस्कार ही स्वस्थ जीवन का आधार, चार छात्राओं सहित चिकित्सा, योग और पत्रकारिता क्षेत्र की प्रतिभाएं सम्मानित

शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
धन्वंतरि जयंती शारीरिक स्वास्थ्य का प्रतीक है, वहीं दीपावली का पांच दिवसीय पर्व शरीर, मन, अध्यात्म, पर्यावरण और पारिवारिक एकता के संतुलन का संदेश देता है। आज की पीढ़ी को आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कारों से जोड़ना जरूरी है। यह बात आरोग्य भारती चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष एवं मुख्य वक्ता डॉ. डीएल काष्ठ ने गुरुवार को अनुराग बाला पाराशर फाउंडेशन की ओर से आयोजित धन्वंतरि जयंती महोत्सव एवं बालिका शिक्षा सम्मान समारोह में कही।


आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, गांधीपुरी में आयोजित समारोह की अध्यक्षता चित्तौड़ प्रांत के प्रांत कार्यवाह डॉ. शंकरलाल माली ने की। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. कमलाकांत शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि एएमओ भीलवाड़ा के जिला अध्यक्ष डॉ. जेवी दिवाकर और शाहपुरा नगर संघचालक कन्हैयालाल वर्मा रहे।
डॉ. काष्ठ ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए दिनचर्या, ऋतुचर्या, जीवनचर्या और संतुलित आहार का विशेष महत्व है। भोजन को प्रसाद की भावना से ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने दीपपर्व के पांच आयाम बताते हुए कहा कि धन्वंतरि जयंती शारीरिक स्वास्थ्य, रूप चतुर्दशी मानसिक स्वास्थ्य, दीपावली आध्यात्मिक स्वास्थ्य, गोवर्धन पूजा पर्यावरण संरक्षण और भाई दूज भावनात्मक एकता का प्रतीक है। आरोग्य भारती संस्कारों के महत्व पर जोर देती है और जेन-जी को संस्कारवान बनाना समय की जरूरत है।
डॉ. शंकरलाल माली ने कहा कि भगवान धन्वंतरि संपूर्ण विश्व के कल्याण के प्रतीक हैं। हमें केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी जीना चाहिए। डॉ. कमलाकांत शर्मा ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ पारिवारिक स्वास्थ्य पर चिंतन करने और अहंकार त्यागकर संयमित जीवन अपनाने का आह्वान किया। डॉ. जेवी दिवाकर ने चिकित्सा सेवा को परमोधर्म बताया।
फाउंडेशन अध्यक्ष डॉ. कमलेश पाराशर ने प्रकृति और प्रवृत्ति के अनुरूप जीवन जीने तथा स्वस्थ दिनचर्या अपनाने का संदेश दिया। तेजपाल उपाध्याय ने फाउंडेशन के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि आदर्श विद्या मंदिर में स्मार्ट क्लास, स्मार्ट बोर्ड और विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था कराई गई है।
चार छात्राओं सहित प्रतिभाओं का सम्मानरू फाउंडेशन ने बालिका शिक्षा प्रोत्साहन के तहत आसमा बानू नीलगर, आलिया बानू, अंशिका मीणा और हर्षिता घुसर को स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र, शॉल और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। आयुर्वेद सेवा सम्मान में डॉ. विनित जैन, पुष्पेंद्र जीनगर और तेजमल लोट तथा योग साधना सम्मान में योगाचार्य दारासिंह का अभिनंदन किया गया। पत्रकार मूलचन्द पेसवानी, सूर्यप्रकाश आर्य, रामप्रकाश काबरा, भेरूलाल लक्षकार, गणेश सुगंधी, कवि दिनेश बंटी और तेजपाल उपाध्याय का भी सम्मान किया गया।
कवि दिनेश बंटी ने चाय पर कविता सुनाकर माहौल को रोचक बनाया। संचालन डॉ. परमेश्वर कुमावत ने किया। आभार मूलचन्द पेसवानी ने जताया।

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