सीमा जैन एवं आशा जैन ने बिना अन्न-फल ग्रहण किए की धर्म आराधना, कल निकलेगी शोभायात्रा
बिजौलिया। शुभम जैन।
दस लक्षण महापर्व के अवसर पर बिजौलिया जैन समाज में धर्म आराधना और तपस्या का क्रम श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ। 16 सितंबर से 25 सितंबर तक चले दस लक्षण पर्व के दौरान समाज की श्रीमती सीमा जैन (ठोला) एवं श्रीमती आशा जैन (ठग) ने लगातार 10 दिनों तक कठिन उपवास कर संयम, साधना और तपस्या का परिचय दिया।
दोनों साधिकाओं ने दस दिनों की कठिन तप साधना के दौरान अन्न, फल सहित किसी भी प्रकार के आहार का सेवन नहीं किया और आत्मशुद्धि एवं धर्म आराधना में लीन रहीं। उनकी इस कठिन तपस्या पर जैन समाजजनों, परिवारजनों एवं धर्मावलंबियों ने अनुमोदना करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
बिजौलिया में हर वर्ष दस लक्षण महापर्व के दौरान जैन समाज से अनेक साधक कठिन तपस्या करते हैं। दस दिनों तक निराहार रहकर तप करना अत्यंत कठिन साधना मानी जाती है, जिसमें साधक संयम, आत्मअनुशासन और धार्मिक आराधना के माध्यम से आत्मकल्याण की भावना को आगे बढ़ाते हैं।
कल निकलेगी शोभायात्रा
दस दिवसीय कठिन तपस्या पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार, 27 सितंबर को दोनों तपस्विनी साधिकाओं की शोभायात्रा बिजौलिया नगर में दोपहर के समय निकाली जाएगी। शोभायात्रा में जैन समाज के श्रद्धालु एवं समाजजन शामिल होकर तपस्विनियों की तप साधना की अनुमोदना करेंगे।
