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3 साल से अधूरी सड़क, गड्ढों में सफर; 9 लोग घायल होने का दावा, अब SDM तक पहुंची शिकायत

उम्मेदसागर चौराहे से चौधरी पेट्रोल पंप तक निर्माण की धीमी रफ्तार से बढ़ा हादसों का खतरा, अधूरा डिवाइडर और उखड़ी सड़क बनी परेशानी

शाहपुरा | मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा। सड़क निर्माण लोगों को राहत देने के लिए होता है, लेकिन शाहपुरा में उम्मेदसागर चौराहे से चौधरी पेट्रोल पंप तक का मार्ग लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। करीब तीन साल से निर्माण कार्य की धीमी गति, जगह-जगह उखड़ी सड़क, अधूरा डिवाइडर और दोनों ओर की अधूरी पटरियों ने आवागमन को जोखिमभरा बना दिया है। स्थानीय स्तर पर इस मार्ग पर दुर्घटनाओं में करीब 9 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
सड़क की बदहाली को लेकर शाहपुरा जन सेवा समिति ने अब उपखंड अधिकारी बनवारीलाल सिनसिनवार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समिति ने चेताया कि क्षतिग्रस्त सड़क और अधूरे निर्माण के कारण वाहन चालकों की सुरक्षा खतरे में है। समय रहते सुधार नहीं हुआ तो गंभीर हादसे की आशंका बनी रहेगी।
तीन साल से निर्माण, लेकिन सड़क अब भी अधूरी
ज्ञापन में बताया गया कि शाहपुरा रोडवेज बस स्टैंड से चौधरी पेट्रोल पंप तक सड़क निर्माण का काम करीब तीन साल से बेहद धीमी गति से चल रहा है। ठेकेदार और संबंधित विभाग की कथित लापरवाही के कारण सड़क कई जगह से उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बीच में डिवाइडर का काम अधूरा है, जबकि दोनों ओर की पटरियां भी व्यवस्थित नहीं की गई हैं।
इस मार्ग से रोजाना दोपहिया वाहन चालक, ग्रामीण और अन्य यात्री गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण उन्हें परेशानी और दुर्घटना का जोखिम उठाना पड़ रहा है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए गड्ढों और अधूरे किनारों से बचकर निकलना चुनौती बना हुआ है।
आचार संहिता का हवाला, लेकिन काम पहले से बंद
स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्य रुकने के लिए नगर पालिका चुनाव की आचार संहिता का हवाला दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, समिति और स्थानीय लोगों का कहना है कि काम आचार संहिता लागू होने से पहले ही रुका हुआ था। ऐसे में सवाल उठता है कि निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने के लिए अब तक प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।
यह मार्ग जयपुर, भीलवाड़ा और उदयपुर की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके आसपास कॉटेज, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट और स्कूल भी हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर केवल स्थानीय वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले अन्य लोगों पर भी पड़ता है।
टोल रोड, फिर भी शिकायतों का समाधान नहीं?
यह मार्ग टोल रोड व्यवस्था से जुड़ा बताया जा रहा है। सड़क की बदहाली को लेकर राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) के परियोजना निदेशक को भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद काम आगे नहीं बढ़ने से लोगों में असंतोष है।
समिति ने संबंधित विभाग से सड़क का निरीक्षण करवाकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत और अधूरे निर्माण को तेजी से पूरा कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है।
जन सेवा समिति ने SDM को सौंपा ज्ञापन
शाहपुरा जन सेवा समिति ने ज्ञापन में कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति से आमजन, वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने प्रशासन से जनहित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभाग और ठेकेदार को निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश देने की मांग की।
ज्ञापन देने के दौरान शिवराज कोली, अधिवक्ता रामप्रसाद चौधरी, अखिल व्यास, गजेंद्र सिंह राणावत, कैलाश सुवालका, अजय मेहता, रमेश मालू और सुनील पाराशर सहित अन्य मौजूद रहे।
सवाल—हादसे के बाद ही जागेगा विभाग?
करीब तीन साल से अधूरे निर्माण और दुर्घटनाओं की आशंका के बीच अब जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। सड़क की मरम्मत, डिवाइडर का निर्माण और दोनों ओर की पटरियों को व्यवस्थित करना जरूरी है, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
सवाल यह है कि जब सड़क की बदहाली और दुर्घटनाओं की शिकायत प्रशासन तक पहुंच चुकी है, तो काम पूरा होने में देरी क्यों हो रही है? लोगों को आश्वासन नहीं, सुरक्षित सड़क चाहिए। अब देखना है कि ज्ञापन के बाद संबंधित विभाग कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।

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