BHILWARA

भीलवाड़ा की बहू कविता रामचंदानी की पुस्तक “WHO Made the Rules” का विमोचन


चेटीचंड महापर्व के आयोजन में नारी शक्ति पर आधारित रचना को मिला समाज का सम्मान
भीलवाड़ा, 16 मार्च। मूलचन्द पेसवानी

भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव पर मनाए जा रहे 10 दिवसीय चेटीचंड महापर्व के अंतर्गत रविवार को स्थानीय नाथद्वारा सराय स्थित झूलेलाल मंदिर में एक विशेष साहित्यिक आयोजन हुआ, जहां टोंक की बेटी और भीलवाड़ा सिंधी समाज की बहू कविता रामचंदानी द्वारा नारी शक्ति पर केंद्रित पुस्तक “WHO Made the Rules” का विधिवत विमोचन किया गया। समारोह में मौजूद अतिथियों और समाजजनों ने इस रचना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी ने बताया कि कविता रामचंदानी टोंक निवासी श्री रवि गिदवानी की सुपुत्री और भीलवाड़ा निवासी कमल रामचंदानी की धर्मपत्नी हैं। उनकी यह चर्चित रचना नई दिल्ली में आयोजित पुस्तक मेले में भी प्रदर्शित की जा चुकी है। उस दौरान कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने जब कविता रामचंदानी के पिता रवि गिदवानी से कविता सुनाने का आग्रह किया तो उन्होंने अपनी बेटी का परिचय कराते हुए उस पर गर्व व्यक्त किया था।
रविवार को आयोजित समारोह में जब पुस्तक का विमोचन हुआ तो पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। समाज के गणमान्य लोगों ने कविता रामचंदानी की लेखनी और उनकी सोच की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में महिलाओं की भूमिका समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण हो गई है और ऐसी रचनाएं समाज को नई दिशा देती हैं।

उल्लेखनीय है कि कविता रामचंदानी केवल एक प्रतिभाशाली रचनाकार ही नहीं बल्कि एक कुशल और निपुण मंच संचालक के रूप में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनकी साहित्यिक प्रतिभा और व्यक्तित्व ने समाज के लोगों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, पूर्व अतिरिक्त कलेक्टर प्रशासन हुंदल विधानी, शिक्षाविद हरीश गुरनानी, ख्यात चिकित्सक गिरीश दत्ता, भाजपा जिला मंत्री बाबूलाल टांक, भारतीय सिंधु सभा के संभाग प्रभारी वीरूमल पुरसानी, उत्तर क्षेत्र सिंधी समाज के अध्यक्ष लालचंद नथरानी, मुख्य सिंधी व्यापारी मनोहर बदलानी और सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष रमेश सभनानी सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

इस अवसर पर पूज्य दादा हेमराजमल साहब सेवा समिति के समाजसेवी रामचंद्र खोतानी, महेश खोतानी, नानकराम जेठानी, हरीश सखरानी, गुलशनकुमार विधानी सहित समाज के कई लोगों ने कविता रामचंदानी की इस उपलब्धि की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें सिंधी समाज की गौरवपूर्ण प्रतिभा बताया।

KAPIL SHYAM VIJAY

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