महात्मा गांधी विद्यालय काछोला में ईसीसीई बाल मेले का आयोजन

‘चलो मनाएं बचपन का उत्सव’ थीम पर सजा बाल मेला, नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साह से लिया भाग
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया पुरस्कृत, अभिभावकों ने भी गतिविधियों में निभाई सहभागिता
असलम रंगरेज
काछोला। महात्मा गांधी विद्यालय, काछोला में शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के अंतर्गत प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) बाल मेले का आयोजन किया गया। बाल मेले की थीम ‘चलो मनाएं बचपन का उत्सव’ रखी गई। आयोजन में बालवाटिका के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य सोनिया स्वर्णकार, विद्यालय स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
बाल मेले के दौरान बच्चों के लिए अनेक प्रतियोगिताओं एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों ने उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिताओं में विजेता रहे बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। बालवाटिका के बच्चों के साथ उनके अभिभावकों ने भी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे आयोजन का माहौल आनंदमय और उत्साहपूर्ण बना रहा।
खेल-खेल में सीखने का मिला अवसर
प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को उनकी उम्र और रुचि के अनुरूप गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करना है। बाल मेले जैसे आयोजन बच्चों को खेलकूद, मनोरंजन और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से नई चीजें सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।
ऐसी गतिविधियों से बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, आपसी सहयोग, सामाजिक व्यवहार और आत्मविश्वास जैसे गुणों का विकास होता है। साथ ही, बच्चों को अपनी रुचि पहचानने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
अभिभावकों की सहभागिता ने बढ़ाया उत्साह
बाल मेले में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बनाया। बच्चों के साथ अभिभावकों की सहभागिता से विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर समन्वय का संदेश भी मिला। बच्चों के सर्वांगीण विकास में विद्यालय के साथ अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।
महात्मा गांधी विद्यालय, काछोला में आयोजित यह बाल मेला बचपन की खुशियों को शिक्षा से जोड़ने की सार्थक पहल रहा। ‘चलो मनाएं बचपन का उत्सव’ थीम के माध्यम से बच्चों को आनंददायक वातावरण में सीखने, अपनी प्रतिभा दिखाने और सामूहिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला।



