काछोला में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया करवा चौथ

चांद के दीदार से खुला व्रत
निर्जला उपवास रख महिलाओं ने की करवा माता और शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना
सोलह श्रृंगार से लेकर सोशल मीडिया तक छाया पर्व का रंग
असलम रंगरेज
काछोला क्षेत्र में करवा चौथ का पर्व पारंपरिक श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना को लेकर सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखा। दिनभर उपवास के बाद शाम को महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर करवा चौथ की कथा सुनी और चंद्रमा के दर्शन का इंतजार किया।
पूजा-अर्चना और परंपराओं में दिखी आस्था
करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार करवा माता तथा भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। पूजा की थाली सजाई गई, दीप प्रज्वलित किए गए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। सोलह श्रृंगार, रंग-बिरंगे परिधान और हाथों में सजी मेहंदी ने पर्व की रौनक बढ़ाई। महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
चांद के दीदार के बाद खोला व्रत
रात्रि में चंद्रमा निकलने के बाद महिलाओं ने छलनी से चांद के दर्शन किए और पारंपरिक विधि से अर्घ्य अर्पित कर अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र की कामना की। इसके बाद जीवनसाथी का चेहरा देखकर व्रत का पारायण किया। चांद के दीदार के साथ दिनभर के उपवास का समापन हुआ और घरों में खुशियों का माहौल नजर आया।
छलनी से चांद तक, फिर सेल्फी का क्रेज
सोलह श्रृंगार से सोशल मीडिया तक हाईटेक हुआ करवा चौथ
करवा चौथ का पर्व इस बार पारंपरिक रस्मों के साथ आधुनिक तकनीक के रंग में भी रंगा नजर आया। महिलाओं ने मेहंदी, सोलह श्रृंगार, पूजा की थाली और चांद के दीदार के खास पलों को मोबाइल कैमरे में कैद किया। छलनी से चांद देखने की रस्म से लेकर जीवनसाथी के साथ सेल्फी लेने तक, त्योहार के यादगार पल डिजिटल यादों का हिस्सा बने।
सोशल मीडिया पर छाईं त्योहार की झलकियां
इंस्टाग्राम रील, व्हाट्सऐप स्टेटस और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर करवा चौथ की तैयारियों, आकर्षक परिधानों, मेहंदी और पूजा-अर्चना की तस्वीरें व वीडियो साझा किए गए। महिलाओं ने अपने खास पलों को खूबसूरत अंदाज में संजोया। इस तरह परंपरा और आधुनिकता का संगम देखने को मिला। करवा चौथ अब केवल पूजा और व्रत तक सीमित नहीं, बल्कि पारिवारिक खुशियों और यादगार पलों को साझा करने का अवसर भी बन गया है।
आस्था, प्रेम और परंपरा का संगम
करवा चौथ का पर्व भारतीय संस्कृति में वैवाहिक प्रेम, विश्वास और पारिवारिक भावनाओं का प्रतीक है। बदलते समय के साथ पर्व मनाने के तरीकों में आधुनिकता जुड़ रही है, लेकिन धार्मिक आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों का महत्व आज भी बरकरार है। चांद के दीदार से लेकर सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों तक, करवा चौथ ने परंपरा और तकनीक के खूबसूरत मेल की झलक पेश की।



