धन्वंतरि जयंती पर 5 नवंबर को शाहपुरा में स्वास्थ्य जागरूकता एवं बालिका सम्मान समारोह

आयुर्वेद, योग और स्वस्थ जीवनशैली पर होगा मंथन, चिकित्सा क्षेत्र की विभूतियां करेंगी शिरकत
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
शिक्षाविद स्वर्गीय श्रीमती अनुरागबाला पाराशर की स्मृति में गठित अनुरागबाला पाराशर फाउंडेशन की ओर से 5 नवंबर को धन्वंतरि जयंती महोत्सव एवं बालिका शिक्षा सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में स्वास्थ्य जागरूकता, आयुर्वेद, योग और भारतीय जीवनशैली के महत्व पर चर्चा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 10 बजे आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, गांधीपुरी, शाहपुरा में होगा। समारोह के मुख्य वक्ता महात्मा गांधी चिकित्सालय भीलवाड़ा के सेवानिवृत्त वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीएल काष्ठ होंगे। वे स्वस्थ जीवनशैली, स्वास्थ्य संरक्षण और निरोगी जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे।
समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े डॉ. शंकरलाल माली एवं डॉ. बीएम दिवाकर भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में आयुर्वेद विभाग के सेवानिवृत्त उपनिदेशक डॉ. कमलकांत शर्मा शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका शाहपुरा के अध्यक्ष रमेश सेन करेंगे।
चिकित्सा एवं योग क्षेत्र की प्रतिभाओं का होगा सम्मान
समारोह में चिकित्सा एवं आयुर्वेद सेवाओं से जुड़े कार्मिकों तथा योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही फाउंडेशन की ओर से बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने की वार्षिक परंपरा के तहत शाहपुरा ब्लॉक की दो प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। फाउंडेशन का उद्देश्य बेटियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहन देकर समाज में बालिका शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।
कार्यक्रम आयोजक एवं फाउंडेशन अध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार पाराशर ने बताया कि भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। धन्वंतरि जयंती के अवसर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समाज में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि फाउंडेशन शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के माध्यम से स्वर्गीय अनुरागबाला पाराशर के विचारों एवं स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रयासरत है। यह समारोह स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सम्मान और बालिका शिक्षा को एक मंच पर जोड़ने की पहल है।



