BHILWARA

बिजोलिया क्षेत्र में सात साल से स्कूल नहीं पहुंचा शिक्षक, फिर भी वेतन जारी

नयानगर स्कूल का मामला, छात्रों ने आज तक नहीं देखा सामाजिक विज्ञान शिक्षक का चेहरा

भीलवाड़ा। डॉ. चेतन ठठेरा

शिक्षा विभाग की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नयानगर से सामने आया है, जहां पिछले सात वर्षों से सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षक कैलाश सुथार स्कूल में नहीं आए, लेकिन उनका वेतन नियमित रूप से स्कूल से बन रहा है।

जानकारी के अनुसार शिक्षक कैलाश सुथार वर्ष 2018 में इस विद्यालय में पदस्थापित हुए थे, लेकिन उसी समय उन्होंने मिड डे मील योजना के तहत सीबीईओ कार्यालय बिजौलिया में प्रतिनियुक्ति करा ली। तब से लेकर अब तक वह लगातार कार्यालय में ही डटे हुए हैं, और विद्यार्थियों ने आज तक उन्हें स्कूल में देखा तक नहीं है।

नियमों की उड़ रही धज्जियां

शिक्षा निदेशालय के नियमानुसार किसी भी शिक्षक को लंबे समय तक गैर शैक्षणिक कार्यों के लिए प्रतिनियुक्ति पर नहीं रखा जा सकता। प्रतिनियुक्ति तभी दी जा सकती है जब उसका असर शैक्षणिक गतिविधियों पर न हो। वहीं मिड डे मील योजना के क्रियान्वयन के लिए विद्यालयों में ठेके के माध्यम से भोजन पहुंचाया जाता है और रिपोर्टिंग जैसे कार्य कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा पूर्ण किए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि सात सालों से शिक्षक की प्रतिनियुक्ति आखिर किस जरूरत के तहत जारी है?

18 शिक्षकों में एक गैरहाजिर

विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिमोहन चित्तौड़ा ने बताया कि, “जब से मैंने कार्यभार संभाला है, कैलाश सुथार सीबीईओ कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसके आदेश जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय भीलवाड़ा से 2018 और 2022 में जारी हुए है । उनके वेतन की फाइलें यहीं से बनती हैं लेकिन उनकी उपस्थिति का कोई लिखित प्रमाण हमारे पास नहीं आता। उनके विषय का शिक्षण कार्य अन्य शिक्षक से करवाया जा रहा है। विद्यालय में कुल 257 छात्र नामांकित हैं तथा 18 शिक्षक पदस्थ हैं, जिनमें चार पंचायत सहायक भी शामिल हैं।”।

जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा जाँच करवाता हूँ

जब यह मामला जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक (मुख्यालय) रामेश्वर लाल बाल्दी के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने कहा, “मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। अब आपसे जानकारी मिलने के बाद मैं इसकी जांच करवाता हूं।”

KAPIL SHYAM VIJAY

जहां सोच जवान हो , खबरे बेजुबान नहीं होतीं

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!