BHILWARA

जलदाय विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, लाखों लीटर पानी बहा, वार्डों में प्यास बरकरार


फुलिया गेट टंकी बनी बर्बादी का केंद्र, स्थानीयों में रोष, हादसे की भी आशंका

शाहपुरा।
शाहपुरा में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (जलदाय विभाग) की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। फुलिया गेट स्थित पानी की टंकी, जिससे करीब आधा दर्जन वार्डों की जलापूर्ति होती है, वहां विभागीय अनदेखी के कारण लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। विडंबना यह है कि एक ओर पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आसपास की बस्तियों में पेयजल संकट गहराया हुआ है।
सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन यहां हालात इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रहे हैं। फुलिया गेट की इस टंकी से कायमखानी मोहल्ला, देशवाली मोहल्ला, बद्री का चैक, अहमदनगर, मोती नगर, मोहनबाड़ी और बाहरी बस्तियों में जलापूर्ति की जाती है, लेकिन पर्याप्त पानी होने के बावजूद लोगों तक सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है।
स्थानीय लोगों की शिकायत पर जीव दया सेवा समिति के संयोजक अतू खां कायमखानी और पार्षद डॉ. मोहम्मद इशाक ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। जल सप्लाई कर्मचारियों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि जितना पानी उन्हें मिलता है, उतना ही सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन फिर भी मोहल्लों तक पानी नहीं पहुंच रहा।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दोनों प्रतिनिधि सुबह सप्लाई शुरू होने से पहले टंकी स्थल पर पहुंचे। वहां का नजारा चैंकाने वाला था। टंकी के नीचे करीब 100 फीट तक झाड़-झंखाड़ और खरपतवार फैले हुए थे, वहीं 2 से 3 फीट तक पानी जमा था। टंकी का फाउंडेशन भी पूरी तरह गीला और दलदली हालत में नजर आया।
जैसे ही पानी की सप्लाई शुरू हुई, मुख्य आउटपुट पाइपलाइन से बड़े-बड़े फव्वारे निकलने लगे और हजारों लीटर पानी देखते ही देखते व्यर्थ बहने लगा। यह स्थिति पिछले करीब छह महीनों से बनी हुई है। इस दृश्य को देखकर अतू खां कायमखानी और डॉ. इशाक भी हैरान रह गए।
मामले की सूचना मिलने पर पीसीसी सदस्य संदीप महावीर जीनगर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाइपलाइन से हो रहे भारी रिसाव पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पानी यहीं बर्बाद हो जाएगा तो वार्डवासियों तक पेयजल कैसे पहुंचेगा। उन्होंने विभाग से तत्काल रिसाव रोकने और पाइपलाइन दुरुस्त करने की मांग की।
स्थानीय नागरिकों ने भी गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि टंकी के नीचे जमा पानी और उगी हुई झाड़ियों के कारण फाउंडेशन कमजोर हो चुका है, जिससे भविष्य में बड़ा हादसा होने की आशंका है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मरम्मत और सफाई कार्य नहीं किया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
क्षेत्रवासियों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई करते हुए रिसाव बंद करने, टंकी की मरम्मत कराने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि पेयजल संकट से राहत मिल सके और किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

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