नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म मामले में बनवारी को 10 साल की सजा, 25 हजार रुपये लगाया जुर्माना

भीलवाड़ा । विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो 2) श्रीमति अर्चना मिश्रा ने एक नाबालिग लडक़ी के अपहरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी बनवारी रैगर को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्मान की सजा सुनाई है।
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विशिष्ट लोक अभियोजक अनिलकुमार शुक्ला के मुताबिक, मामला सुभाषनगर थाना क्षेत्र का है। एक परिवादिया ने 20 अप्रैल 2022 को रिपोर्ट दी थी कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री दुकान पर दुग्ध लेने गई थी, जो काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिवारजन और पड़ोसियों ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिवादिया ने शक जताया था कि उसकी पुत्री को बनवारी रेगर बहला-फुसलाकर ले जा सकता है।
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पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और पीडिता को दस्तयाब किया। पीडिता ने अपने बयान में बताया कि वह बनवारी को पहले से जानती थी। वह दोस्ती के बहाने उसे मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गया और करीब एक माह तक अलग-अलग स्थानों पर रखकर दुष्कर्म किया।
जांच के बाद पुलिस ने आरोपी बनवारी रेगर को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया।

मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाह और 27 दस्तावेज पेश किए, जिनके आधार पर अपराध सिद्ध हुआ।
विशिष्ट न्यायाधीश श्रीमती अर्चना मिश्रा, इस मामले ने आरोपी बनवारी रेगर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कठोर कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने के आदेश दिए।



