BHILWARA

फोकस की गूंज : शाहपुरा में 50 करोड़ की लागत से बन रहे घटिया बाईपास का कांग्रेस ने किया विरोध, भ्रष्टाचार की जांच की मांग

शाहपुरा– 50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बाईपास की खराब गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। भीलवाड़ा फोकस द्वारा 19 जुलाई को प्रकाशित खबर में बाईपास की बदहाल स्थिति और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार को उजागर किया गया था, जिसके बाद कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सड़कों पर उतरते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस विधायक प्रत्याशी नरेंद्र कुमार रैगर और नगर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष रमेश सेन ने किया। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “भ्रष्टाचार मुक्त शाहपुरा” के नारे लगाते हुए राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। बाईपास निर्माण में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच हो, दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, अधूरा कार्य शीघ्र पूर्ण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

👇 19 जुलाई को प्रकाशित खबर 👇

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शाहपुरा-देवली मार्ग पर बन रहा यह 10 किलोमीटर लंबा बाईपास शुरू होते ही क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि इसकी गारंटी अवधि पांच वर्ष की है। रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्माण कार्य 12 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था और इसे 11 अक्टूबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने जल्दबाजी में निर्माण कार्य अधूरा ही पूरा कर सड़क को चालू कर दिया। बगैर उद्घाटन के ही इस सड़क से वाहन गुजरने लगे और पहली ही बारिश में डामर उखड़ने लगी खड्डे पड़ गये है।

नरेंद्र रैगर ने कहा, “यह केवल टूटी सड़क नहीं, बल्कि जनता के टूटे हुए विश्वास का प्रतीक है। कांग्रेस जनता की आवाज बनेगी और उन्हें न्याय दिलवाएगी।” रमेश सेन ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “भाजपा सरकार की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार ने शाहपुरा की विकास योजनाओं को बर्बाद कर दिया है। अब जनता चुप नहीं बैठेगी।” कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सही होती, तो यह सड़क इतनी जल्दी नहीं टूटती। इससे स्पष्ट है कि कार्य में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, और सरकारी तंत्र ने आंखें मूंद ली हैं।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें ब्लॉक अध्यक्ष महावीर कुमावत, नेता प्रतिपक्ष रचना सुनील मिश्रा, प्रदेश सचिव अतुल त्रिपाठी, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष नमन ओझा, युवा नेता मिंकू पोंडरिक, दीपेंद्र सिंह, रामसिंह मीणा, हनुमान कुमावत, अमन पोंडरिक, जयंत जीनगर, कैलाश फमड़ा, शिवराज आचार्य, यूनुस खान, कुलदीप गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।

अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब सड़क की गारंटी अवधि भी शुरू नहीं हुई है और यह पहले ही उखड़ गई है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या यह सिर्फ मौसम का असर है या फिर लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम? कांग्रेस की यह पहल स्थानीय जनता के गुस्से की आवाज बन रही है और आने वाले समय में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

KAPIL SHYAM VIJAY

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