बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी । ममता दीदी

जसवंत पारीक आकोला
आकोला कस्बे में आयोजित हो रहे विशाल विष्णु महायज्ञ में आयोजित हो रही नानी बाई को मायरा कथा के प्रथम दिन कथा वाचक गोवत्सला ममता दीदी ने उपस्थित जन समुदाय से कहा कि आज के समय में बालकों में स्कूली शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी है। बालकों को संस्कार देने के लिए उन्हें बचपन से ही मंदिर में भगवान के दर्शन के लिया साथ के जाए। धार्मिक आयोजनों में उन्हें भी साथ ले जाए इससे उनमें संस्कार बनेंगे ममता दीदी ने कहा कि घर के बुजुर्ग संस्कार के ज्ञाता होते हे बालकों को उनके पास बिठाओ। इससे बालक धर्म ओर संस्कार को सीखेगा जो बड़ा होने पर भी उनमें बना रहेगा। इस दौरान ममता दीदी ने कथा में भगवान ओर भक्त के बीच के प्रेम का सुंदर वर्णन किया। नरसी मेहता का भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम और निस्वार्थ भक्ति का वर्णन करते हुए उनके जन्म ओर परिवार में कठिनाइयों को बताया ओर इसके बाद भी नरसी जी की भगवान के प्रति भक्ति कम नहीं हुई। इस दौरान शिवालय धाम आकोला के महंत रामस्नेहीदास जी महाराज सहित कई लोग उपस्थित रहे।




