BHILWARA

खेतों में लहलहा रही काले सोने के नाम से विख्यात अफीम की फसल, काले सोने पर खिलने लगे सफेद फूल


सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- सवाईपुर कस्बे सहित क्षेत्र में अफीम की फसल पर इन दिनों सफेद फूल खिल गए हैं । खेतों से अफीम की महक उठने लगी है । किसान अपनी ‘काले सोने’ की फसल की सुरक्षा और चौकसी में जुट गए हैं । क्षेत्र में लाइसेंसधारी किसानों ने अफीम की बुवाई की । यह फसल किसानों की आय का एक प्रमुख स्रोत है । खेतों में खिले सफेद फूल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जिन पर भंवरें और ततैया रस चूसने के लिए मंडरा रहे हैं ।

अफीम के डोडों की महक दूर-दूर तक फैल रही है । बद्रीलाल तेली प्रांत अध्यक्ष अफीम किसान संघर्ष समिति राजस्थान प्रदेश ने बताया कि सवाईपुर सहित सोपुरा, सालरिया, डसाणिया का खेड़ा, बड़ला, बनकाखेड़ा, खजीना, नोहरा, जावल , किशनगढ़ गांवों में काले सोने यानी अफीम की फसल इन दिनों खेतों में लहलहा रही, बहुमूल्य अफीम की फसल पर सफेद फूल आने का दौर शुरू हो गया है । इससे अफीम उत्पादक किसानों में खुशी छाई हुई है । फूल खिलने के बाद इस पर डोडा निकलेगा । जिस पर किसान आने वाले कुछ दिनों में विधि विधान से मां काली की पूजा:अर्चना कर डोडे पर चीरा लगाकर अफीम का दूध संग्रहित करने के कार्य में जुट जायेंगे । वही इस बहुमूल्य फसल को बचाने के लिए किसान इन दिनों खेत में रातजगा कर रहे हैं ।

यह किसी मन्नत या शौक के लिए नहीं बल्कि इस फसल की जंगली जानवरों से रखवाली व असामाजिक तत्वों से बचाव के लिए कर रहे हैं । ऐसे में ठंड की सर्द रात में किसान इस बहुमूल्य फसल को बचाने में लगे हुए हैं । जिससे उनके द्वारा की गई खून -पसीने की मेहनत का अच्छा फल मिल सके । किसान अपने खेतों के चारो और फसल को बचाने के लिए तारबंदी तक कर रहे हैं ।।




देसी घरेलु नुस्खे से किसान भगा रहे हैं नील गायों को

सवाईपुर निवासी अफीम काश्तकार रामलाल माली ने बताया कि किसान फसल को नीलगायों से बचाने के लिए किसान पटाखे छोड़ कर तो कोई किसान पक्षियों से इस बहुमूल्य फसल को बचाने के लिए विभिन्न जतन कर रहे हैं । वहीं कई किसान नीलगायों के उत्पात व नुकसान से फसल को बचाने के लिए खेत के चारो और साड़ियां लपेट रहे हैं, तो कोई किसान ऑडियो-वीडियो की रील तो कोई खेत के चारों ओर लोहे की तारबंदी आदि खेत के चारों और लगाकर फसल को बचाने का जतन कर रहे हैं । अभी क्षेत्र में अफीम की फसल लहलहा रही है । इससे किसानों में खुशी छाई हुई है । रात के समय झुंड के रूप में नीलगाय खेतों में घुस जाती है और अफीम की फसल चट कर मदमस्त होकर फसल को रौंदकर चली जाती है ।।

KAPIL SHYAM VIJAY

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