BHILWARA

फूलियाकलां में शिक्षा का स्वर्णिम अध्याय


21 करोड़ का आधुनिक विद्यालय बनेगा ग्रामीण प्रतिभाओं का नया केंद्र
आईआईटी, एनईईटी की निशुल्क ऑनलाइन कक्षाएं शुरू, अब गांव से ही खुलेगा सफलता का मार्ग
शाहपुरा, मूलचन्द पेसवानी
भीलवाड़ा जिले के फूलियाकलां में शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। श्री कल्याण सेवा संस्थान एवं समाजसेवी सत्यनारायण लड्ढा के मार्गदर्शन में लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है, जो आने वाले समय में ग्रामीण विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बनेगा।
इस भव्य विद्यालय का हाल ही में बिट्स पिलानी के पूर्व छात्र रामपाल दरगड़ द्वारा दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि यहां आईआईटी, एनईईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी।
रामपाल दरगड़ ने जानकारी दी कि ये कक्षाएं प्रतिष्ठित आईआईटी आश्रम, वडोदरा के सहयोग से संचालित होंगी, जहां अनुभवी विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है, ताकि उन्हें बड़े शहरों की महंगी कोचिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़े और वे अपने गांव में रहकर ही प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।
विद्यालय प्रशासन एवं श्री कल्याण सेवा संस्थान से जुड़े सदस्यों ने इस पहल को क्षेत्र के लिए एक “मील का पत्थर” बताते हुए कहा कि यह विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को नई उड़ान देने वाला मंच साबित होगा। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह विद्यालय विद्यार्थियों को तकनीकी, शैक्षणिक और नैतिक मूल्यों से भी समृद्ध करेगा।
स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। अभिभावकों का मानना है कि अब उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही गांव में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार होगा।
यह पहल न केवल फूलियाकलां बल्कि पूरे भीलवाड़ा जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। 21 करोड़ की इस आधुनिक शिक्षा परियोजना से निश्चित रूप से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा और आने वाले वर्षों में यहां के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। सकारात्मक सोच और समाजसेवा की भावना से शुरू हुई यह पहल आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।

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