BHILWARA

बिजौलिया पंचायत समिति चुनाव: नाम वापसी के बाद 15 वार्डों में 39 प्रत्याशी मैदान में

भाजपा-कांग्रेस के बीच कई वार्डों में सीधा मुकाबला, कुछ वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समीकरणों को बना सकते हैं रोचक

बिजौलिया। पंचायत समिति चुनाव में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिजौलिया क्षेत्र के 15 वार्डों में चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। अब इन वार्डों में कुल 39 प्रत्याशी चुनावी मैदान में रह गए हैं। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच अधिकांश वार्डों में मुकाबला देखने को मिलेगा, वहीं कुछ वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से चुनावी समीकरण रोचक हो गए हैं। नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार और मतदाताओं से संपर्क की तैयारियां तेज कर दी हैं।

वार्डवार प्रत्याशियों की सूची के अनुसार भाजपा और कांग्रेस ने सभी 15 वार्डों में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबले के साथ ही वार्ड संख्या 1, 2, 5, 6, 7 और 12 में निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में इन वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के सामने चुनौती बढ़ सकती है।

इन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में

वार्ड संख्या 1 में भाजपा के प्रकाश चंद शर्मा और कांग्रेस के विजय तिवाड़ी के सामने निर्दलीय दुर्गेश कुमार खटीक और दीपक चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड 2 में भाजपा के रामराज मीणा और कांग्रेस के भंवर मीणा के साथ निर्दलीय लेखराज मैदान में हैं। वार्ड 5 में भाजपा के राजेन्द्र कुमार बंजारा और कांग्रेस के कमलेश शर्मा के सामने निर्दलीय महावीर शर्मा व राकेश चुनाव लड़ रहे हैं।

इसी प्रकार वार्ड 6 में भाजपा के शिवराज सोयल और कांग्रेस के मनोज यादव के साथ निर्दलीय शंकर लाल रैगर तथा रमेश चंद रैगर मैदान में हैं। वार्ड 7 में भाजपा की सम्पत देवी खटीक और कांग्रेस के घिसी रैगर के सामने निर्दलीय राधा बलाई चुनाव लड़ रही हैं। वहीं वार्ड 12 में भाजपा की लवली धाकड़ और कांग्रेस की गायत्री धाकड़ के साथ निर्दलीय ममता देवी भी चुनावी मैदान में हैं।

इन वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला

वार्ड संख्या 3, 4, 8, 9, 10, 11, 13, 14 और 15 में भाजपा तथा कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। इन वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में नहीं होने से दोनों प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा रहेगी।

नाम वापसी के बाद अब सभी प्रत्याशियों की नजर मतदाताओं पर है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार, जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों के आधार पर मुकाबला और तेज होने की संभावना है। चुनाव परिणाम ही तय करेंगे कि किस दल को क्षेत्र में बढ़त मिलती है।

KAPIL SHYAM VIJAY

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