मतगणना में धांधली का आरोप : कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, बोले- जीते प्रत्याशियों को हराया;

गोपाल गुर्जर, धनराज गुर्जर और छोटू जाट ने अधिकारियों सहित विधायक भड़ाना पर लगाए गंभीर आरोप, दोबारा री-काउंटिंग और निष्पक्ष जांच की मांग
पुनित चपलोत
भीलवाड़ा। पंचायतीराज चुनाव 2026 की मतगणना को लेकर जिले में विवाद गहराता जा रहा है। सरपंच चुनाव में कथित धांधली और री-काउंटिंग में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हिन्दू भोज सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल गुर्जर और पांसल के पूर्व सरपंच छोटू लाल जाट के नेतृत्व में पांसल, पालड़ी सहित मांडल विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने मतगणना की निष्पक्ष जांच, प्रभावित पंचायतों में दोबारा मतगणना कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान स्थानीय विधायक उदयलाल भड़ाना पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।

पहले जीत का ऐलान, फिर 65 वोट से हारा बताया, जबरन हस्ताक्षर करवाए – गोपाल गुर्जर
हिंदू भोज सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल गुर्जर ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान पहले उनकी जीत घोषित कर दी गई थी, लेकिन करीब एक-दो घंटे बाद तहसीलदार के आने पर उन्हें 65 वोटों से हारा हुआ बता दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने री-काउंटिंग करवाकर एक-एक मतपत्र दिखाने की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने इनकार कर दिया। उनके अनुसार, मतपत्रों पर किसकी मुहर लगी है और वास्तविक स्थिति क्या है, इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। उन्होंने जबरन हस्ताक्षर करवाने और उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले जाने का भी आरोप लगाया। गोपाल गुर्जर का कहना है कि उनके समर्थकों ने रास्ते में गाड़ी रुकवाकर उन्हें वापस छुड़ाया। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन से न्याय नहीं मिला तो न्यायालय की शरण लेंगे।
जीतने वाले प्रत्याशियों को री-काउंटिंग के नाम पर हराया, न्याय नहीं मिला तो लेंगे कोर्ट की शरण– धनराज गुर्जर
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धनराज गुर्जर ने आरोप लगाया कि जिले की कई ग्राम पंचायतों में जीतने वाले प्रत्याशियों को भी री-काउंटिंग के नाम पर हराया गया। उन्होंने कहा कि करीब 20-22 पंचायतों के प्रत्याशी अपनी शिकायतें लेकर उनके पास पहुंचे हैं। कई गरीब प्रत्याशियों को ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर चुनाव लड़वाया था, लेकिन अब वे न्याय के लिए भटक रहे हैं।
धनराज गुर्जर ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी ही चुनाव प्रक्रिया के लिए अधिकारियों और पोलिंग पार्टियों की नियुक्ति करते हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह 50-50 मतपत्रों की गड्डियां बनाकर प्रत्याशियों को मतों की संख्या बता दी गई, जबकि प्रत्येक मतपत्र की पारदर्शी तरीके से गिनती और प्रत्याशियों को दिखाना जरूरी था। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और प्रभावित पंचायतों में दोबारा मतगणना कराने की मांग की। साथ ही कहा कि प्रशासन से न्याय नहीं मिला तो प्रभावित प्रत्याशी न्यायालय जाएंगे।
छोटू जाट बोले- हार-जीत नहीं, मतगणना की पारदर्शिता जरूरी
पांसल के पूर्व सरपंच प्रत्याशी छोटू जाट ने निर्वाचन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हार-जीत से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मतगणना पारदर्शी होनी चाहिए थी। उन्होंने बूथवार मतों की गिनती दिखाने और दोबारा री-काउंटिंग कराने की मांग की, लेकिन आरओ ने उनकी बात अनसुनी कर उन्हें बाहर कर दिया। जाट ने विधायक उदयलाल भड़ाना पर चुनाव के दौरान पांच करोड़ रुपए के विकास कार्य और 300 लोगों को जिंदल में नौकरी दिलाने का आश्वासन देने का आरोप भी लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा और न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। ग्रामीणों ने जिला निर्वाचन अधिकारी से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर प्रभावित प्रत्याशियों को न्याय दिलाने की मांग की।



