Bhilwara News

काछोला में दस दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का भव्य समापन,

भगवान श्रीराम के आदर्शों का दिया संदेश

काशी (वाराणसी) के प्रसिद्ध कलाकारों ने रामलीला के माध्यम से जीवंत किए रामायण के प्रसंग, दस दिनों तक बाग के बालाजी परिसर में रहा भक्तिमय माहौल

असलम रंगरेज

काछोला। कस्बे के बाग के बालाजी परिसर में भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म प्रचार एवं धर्म रक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित दस दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव का भव्य समापन हुआ। उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) से आए प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी शानदार अभिनय कला और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र को मंच पर जीवंत कर दिया। इस धार्मिक आयोजन का संचालन राघवेन्द्र कुमार ने किया, जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी अभिमन्यु व्यास ने निभाई।


दस दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जन्म, बाल लीलाओं, विश्वामित्र के साथ वन गमन, सीता स्वयंवर, श्रीराम-सीता विवाह, कैकेयी के वरदान, श्रीराम के वनवास, भरत मिलाप, शबरी प्रसंग, सीता हरण, हनुमान जी की भक्ति, लंका दहन, राम-रावण युद्ध तथा भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन जैसे प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

रामलीला के दौरान कलाकारों की सजीव अभिनय कला, आकर्षक वेशभूषा और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे एवं ग्रामीणजन रामलीला देखने पहुंचे। पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों और भक्ति भाव से गूंजता रहा।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े सत्य, मर्यादा, त्याग, सेवा, कर्तव्य, न्याय और धर्म के आदर्शों को समाज तक पहुंचाना तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से परिचित कराना रहा। रामलीला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सत्य और धर्म के मार्ग पर चलकर ही समाज में सद्भाव, नैतिकता और आदर्श जीवन की स्थापना की जा सकती है।
दस दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

इस धार्मिक आयोजन ने काछोला क्षेत्र में आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का अनूठा वातावरण बनाया। ग्रामीणों ने आयोजन को धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से सराहनीय पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने की भावना व्यक्त की।
श्रीरामलीला महोत्सव ने दस दिनों तक भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का यादगार अवसर बना।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!