BHILWARA

छठ पूजा पर घाटो की विशेष साज सजावट व स्वच्छता को लेकर यूनेस्को ने की प्रतियोगिता आयोजित


*छठ पूजा सेवा समिति वाटर वर्क्स को मिला श्रेष्ठ घाट का 5100/- रूपये का पुरस्कार*
भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल
भीलवाड़ा 28 अक्टूबर। पूर्वांचल वासियों की लोक आस्था का महापर्व उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ संपन्न हो गया। चार दिवसीय छठ महापर्व को लेकर जिला यूनेस्को एसोसिएशन व पूर्वाचल जन चेतना समिति द्वारा घाट स्वच्छता, साफ सफाई सहित साज-सज्जाओं को लेकर प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें श्रेष्ठ घाट का पुरस्कार छठ पूजा सेवा समिति वाटर वर्क्स को दिया गया।

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जवाहर फाउंडेशन के प्रभारी रजनीश वर्मा की अध्यक्षता में गठित निर्णायक कमेटी में जिला यूनेस्को एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल, प्रवक्ता मधु लोढ़ा, राजकुमार माली व साधना मेलाना को शामिल किया गया था। जिन्होंने मानसरोवर झील, नेहरू तलाई, न्यू पटेल नगर, पटेल नगर विस्तार सहित कई घाटों का निरीक्षण किया था जिसमें श्रेष्ठ घाट के लिए समिति द्वारा वाटर वर्क्स का चयन किया गया।

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छठ पर्व के समापन समारोह वाटर वर्क्स स्थित घाट पर किया गया था जिसमें स्थानीय विधायक अशोक कोठारी व स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली, जिला यूनेस्को एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल, जवाहर फाउंडेशन के प्रभारी रजनीश वर्मा व राजकुमार माली ने श्रेष्ठ घाट का पुरस्कार ‘‘छठ पूजा सेवा समिति’’ के अध्यक्ष दिनेश साहनी व सचिव बबलू सिंह को ₹5100 के चेक के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक अशोक कोठारी ने कहा कि छठ मैया का आशीर्वाद सभी भीलवाड़ावासियों पर बना रहे हैं तथा हर वर्ष ऐसे ही भव्यता के साथ में हम छठ मैया की पूजा अर्चना करते रहे। वही स्टेट फेडरेशन ऑफ यूनेस्को के प्रदेश संयोजक गोपाल लाल माली ने कहा कि हिंदू धर्म में छठ महापर्व का विशेष महत्व, है जो भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित है। यह त्यौहार भक्ति, संयम और पवित्रता का प्रतीक है।

माली ने यह भी कहा कि उगते सूरज की पूजा तो संसार का विधान है, पर केवल और केवल हम भारतवासी अस्ताचल सूर्य की भी आराधना करते हैं, और वो भी उगते सूर्य से पहले। अगर उदय का अस्त भौगोलिक नियम है, तो अस्त का उदय प्राकृतिक और आध्यात्मिक सत्य। प्रकृति के अंतिम स्वरूप और ऊर्जा के अक्षुण्ण स्रोत, भगवान भास्कर की आराधना का पर्व है छठ।
यूनेस्को की प्रवक्ता मधु लोढा ने बताया कि निर्णायक कमेटी के सदस्यों ने सभी घाटों पर अवलोकन किया था जिसमें विशेष तौर पर साफ-सफाई, स्वच्छता के साथ साज-सज्जाओं को देखा। हालांकि इस बार बारिश की वजह से इस त्यौहार में बहुत परेशानियों व अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा।
पुरूस्कार लेने में छठ पूजा सेवा समिति के सदस्य राजेश गुप्ता, दिनेश यादव, विनोद साहनी, राजन सिंह, शैलेन्द्र यादव सहित सैकड़ों की तादात में महिला पुरूष उपस्थित थे।

KAPIL SHYAM VIJAY

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