चाँदजी की खेड़ी में प्रत्याशियों और काउंटिंग एजेंटों की अनुपस्थिति में मतपेटियों सील तोड़ कर मतगणना करने का आरोप।

सरपँच ओर वार्ड पंच प्रत्याशियों ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की।
मतगणना प्रक्रिया पर उठे सवाल, वार्ड पंच प्रत्याशियों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
माण्डलगढ़, 29 अक्टूबर। बिजौलियां उपखण्ड में चाँदजी की खेड़ी मतदान केंद्र पर 24 अक्टूबर को सम्पन्न हुए पंचायत चुनाव की मतगणना प्रक्रिया को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सरपँच ओर वार्ड पंच पद के प्रत्याशियों ने आरोप लगाया है कि मतदान टीम ने उन्हें और उनके काउंटिंग एजेंटों को मतगणना केंद्र से बाहर बैठा दिया गया। इसके बाद उनकी अनुपस्थिति में मतपेटियों की सील तोड़ कर मतगणना कर दी गई, जिसमें संबंधित प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा हैं। मामले को लेकर सरपँच ओर वार्ड पंच प्रत्याशियों ने बिजौलियां उपखण्ड अधिकारी के मार्फ़त राज्य निर्वाचन आयोग व जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

सरपँच प्रत्याशी सुनील कुमार धाकड़, वार्ड पंच प्रत्याशी घनशयाम धाकड़,रोशन लाल धाकड़ व मतगणना एजेंट सहित ग्रामीणों का शिकायत में आरोप है कि मतगणना जैसी महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशियों और उनके अधिकृत काउंटिंग एजेंटों को बाहर किए जाने से पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। शिकायत में बताया गया कि मतदान पूर्ण होने के बाद ओर मतगणना के दौरान मतपेटियों को प्रत्याशियों की अनुपस्थिति में सीलबंद किया और सील तोड़ कर मतगणना शुरू कर दी गई। प्रत्याशियों ओर मतगणना एजेंट को बाहर बैठा दिया गया। निर्वाचन अधिकारी और उनकी टीम ने गड़बड़ी कर मतगणना परिणाम को बदल दिया गया। जबकि एक वार्डपंच प्रत्याशी विजेश धाकड़ सहित कई काउंटिंग एजेंट के तो परिणाम शीट पर हस्ताक्षर भी नहीं कराए गए है। आरोप हैं कि विजयी घोषित किए गए सरपँच ने निर्वाचन टीम के भोजन और आवभगत का व्यय खुद ने उठाया हैं।
चाँदजी की खेड़ी बूथ पर नियुक्त बीएलओ सुरेश धाकड़ का कहना है कि सर्वप्रथम वार्ड नम्बर 1-2-3 की मतपेटियों को खोल कर मतगणना शुरू कर दी थी, वोटों बंडल बना लिए थे, उसके बाद वार्ड पंच प्रत्याशियो को अंदर बुलाया गया, वार्ड पंचों के वोटों की गणना होने के बाद सरपँच प्रत्याशियों को मतगणना कक्ष में बुलाया गया था।
बीएलओ गोपाललाल धाकड़ का कहना हैं कि वार्ड पंच प्रत्याशियों की मतगणना शुरू हो गई थी, तब सरपँच प्रत्याशी बाहर ही बैठे रहे, आरओ ने इनको अंदर नहीं बुलाया और मेरे को भी मतगणना कक्ष में जाने दिया गया। और बाहर ही बैठा रहा।
ऐसे में मतगणना की प्रक्रिया में प्रत्याशियों अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी को लेकर निर्धारित नियमों का पालन किया जाना गम्भीर मामला हैं।
प्रत्याशियों ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मतगणना के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की जानकारी लेने तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। साथ ही, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच किए जाने की मांग भी उठाई गई है।
अब इस मामले में निर्वाचन आयोग और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामले में नियमानुसार कार्रवाई का सवाल उठ सकता है।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।



