BHILWARA

बिजोलिया के मुख्य बाजार में 50 टन बारूद के साथ सुरक्षा संकट, अवैध पटाखा दुकानों से नगरवासियों की जान पर मंडरा रहा खतरा

प्रदेश में जैसलमेर के हादसे से भी प्रसाशन ने नहीं लिया सबक , दबाव के बीच हादसे को दिया जा रहा न्यौता

भीलवाड़ा । बिजोलिया में त्योहारी सीजन में खुशियों के बीच शहर के मुख्य बाजार में पटाखा विक्रेताओं की हठधर्मिता ने सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। तेजाजी चौक से पंचायत चौक तक अवैध रूप से पटाखा दुकानों का जमावड़ा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और दुकानदारों की दबंगई ने बाजार को किसी बड़े हादसे के लिए तैयार कर दिया है।

गौरतलब है कि शनिवार को थानाधिकारी उगमाराम सैनी ने भी मुख्य बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान फल और फ्रूट की दुकान पर भी पटाखे बेचे जा रहे थे, लेकिन मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, कुछ दुकानदार जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाकर अवैध दुकानों में सहयोग की माँग के साथ साथ कई लोगो को पैसे का लालच देकर अवैध दुकानों की बीच बाज़ार में अनुमति लेकर भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजार में पटाखा बेचने पर अमादा हैं। इससे नगर पालिका की सभी शर्तों की धज्जियां उड़ रही हैं। जानकारी में ये भी सामने आया है की नगर के एक मंदिर परिसर में बीते दिनों हुई एक बैठक में एक पटाखा व्यवसाई ( नेता) ने तेजाजी का चौक से पंचायत चौक तक विद्युत व्यवस्था का जिम्मा दुकानदारों के जिम्मे लेने की बात कहते हुए , मुख्य बाजार में दुकानें लगाने की अनुमति ली और बाजार में आम जनता की जान का सौदा 38 हज़ार में लगाई जाने वाली विद्युत व्यवस्था से कर लिया ।

गौरतलब है कि जिला कलेक्टर द्वारा मुख्य शहर में अस्थाई पटाखा दुकानों के लिए छोटा खेल मैदान की अनुमति दी गई है। साथ ही भीड़ भाड़ वाले इलाके में अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है लेकिन इस वर्ष, लापरवाही का आलम यह है कि मुख्य बाजार में आज रविवार को खुले आम लगभग 50 टन से अधिक बारूद रखा गया है और इसे बेचा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जरा सी चूक भी यहां बड़े हादसे का रूप ले सकती है।

विशेष रूप से, हाल ही में जैसलमेर में बस आगजनी जैसी घटनाओं ने पूरे प्रशासन और आम जनता को आग और विस्फोट के खतरों के प्रति चेताया है। लेकिन बिजोलिया में अभी तक ऐसी किसी आपात व्यवस्था का इंतजाम नहीं किया गया है। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इतनी मात्रा में पटाखा होने के कारण आग लगने की स्थिति में नागरिकों के लिए सुरक्षित भागना लगभग असंभव है ।

नगरवासियों का कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता और दुकानदारों की लापरवाही किसी बड़ी त्रासदी का निमंत्रण बन सकती है। इस बीच, लोगों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

ग़ौरतलब है की नगर में 18 दुकानदारों को लाइसेंस दिए गए थे , जिनकी आड़ में 40 से अधिक पटाखा दुकानदार पटाखे ख़रीद ले आए और सभी तय सीमा से अधिक बारूद लेकर बिजोलिया को खतरे में डालने के लिए तैयार है ।

KAPIL SHYAM VIJAY

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